मतंग ऋषि के शिष्य थे हनुमानजी। हनुमानजी ने कई लोगों से शिक्षा ली थी। सूर्य, नारद के अलावा एक मान्यता अनुसार हनुमानजी के गुरु मातंग ऋषि भी थे। मतंग ऋषि शबरी के गुरु भी थे। कहते हैं कि मतंग ऋषि के आश्रम में ही हनुमानजी का जन्म हआ था। मतंग ऋषि के यहां माता दुर्गा के आशीर्वाद से जिस कन्या …
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कैसे जन्मे भैरव, क्या जिम्मेदारी सौंपी भगवान शिव ने उन्हें…
पुराणों में वर्णित कथाओं के अनुसार एक बार भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा के बीच विवाद छिड़ गया कि उनमें से श्रेष्ठ कौन है? यह विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि सभी देवता घबरा गए। उन्हें डर था कि दोनों देवताओं के बीच युद्ध ना छिड़ जाए और प्रलय ना आ जाए… सभी देवता घबराकर भगवन शिव के पास चले गए …
Read More »मां शाकंभरी की पूजा से होगा हर दुःख दूर, पढ़ें पौराणिक कथा
मां शाकंभरी देवी दुर्गा के अवतारों में एक हैं। दुर्गा के सभी अवतारों में से मां रक्तदंतिका, भीमा, भ्रामरी, शताक्षी तथा शाकंभरी प्रसिद्ध हैं। नवरात्रि में इनकी कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए। मां शाकंभरी की पौराणिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, एक समय जब पृथ्वी पर दुर्गम नामक दैत्य ने आतंक का माहौल पैदा किया। इस तरह करीब सौ …
Read More »एक चुटकी सिंदूर की कीमत आप भी नहीं जानते हैं, जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे… पढ़ें चार चमत्कारी टोटके
चुटकी भर सिंदूर बना देगा आपके सारे काम, बस करना होगा ये छोटा सा उपायमान्यता है कि शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए अपनी मांग सिंदूर से भरती हैं। इसके अलावा सिंदूर लगाने से घर में सुख शांति रहती है। सिंदूर का इस्तेमाल पूजा में भी किया जाता है। बिना सिंदूर के पूजा अधूरी मानी जाती है। जानते हैं …
Read More »शिवजी की कृपा पाने के लिए करें प्रदोष व्रत, अवश्य पढ़ें यह पौराणिक कथा
प्राचीनकाल में एक गरीब पुजारी हुआ करता था। उस पुजारी की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी अपने भरण-पोषण के लिए पुत्र को साथ लेकर भीख मांगती हुई शाम तक घर वापस आती थी। एक दिन उसकी मुलाकात विदर्भ देश के राजकुमार से हुई, जो कि अपने पिता की मृत्यु के बाद दर-दर भटकने लगा था। उसकी यह हालत पुजारी …
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Shree Ayodhya ji Shradhalu Seva Sansthan राम धाम दा पुरी सुहावन। लोक समस्त विदित अति पावन ।।